बुधवार, 21 अक्तूबर 2009

गंगा-जमुना

नैहर की सुधि अइसी उमडल हिया माँ ब्याकुल उठे हिलकोर ,
आगिल क मारग बिसरली रे गंगा घूम गइलीं मइके की ओर !
*
बेटी को खींचे रे मइया का आँचल टेरे बबा का दुलार ,
पावन भइल थल ,पुन्यन भरी भइली उत्तरवाहिनी धार* !
जहि के अँगनवा में बचपन बिताइन बाँहन के पलना में झूलीं
तरसे नयन,जुग बीते न देखिन, जाइत बहत चुप अकेली !
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केतन नगर , वन ,पथ कइले मिली ना बिछुडी सहिलियाँ,
मारग अजाना बही जात गंगिया अकेली न भइया- बहिनियाँ !
कौनों दिसा बहि गइली मोरी जमुना,कैसी उठी रे मरोर !
मइया हिरानी रे ,बाबा हिराने जाइल परइ कौने ठौर !
*
ब्रज रज रचे तन, श्याम मन धरे मगन , देखिल जमुन प्रवाह,
दूरइ ते देखिल जुडाय गइली गंगा,अंतर माँ उमडिल उछाह !
जनम की बिछुडी बहिनी मिलन भेल , झलझल नयन लीने मूँद,
पलकन से बहबह झर- झर गिरे, रुक पाये न अँसुआ के बूंद !
*
व्याकुल ,हिलोरत दुहू जन लिपटीं उमडिल परेम परवाह,
दूनों ही बहिनी भुजा भर भेंटिल,तीरथ भइल परयाग !
दोनो के अँसुआ बहल गंगा-जमुना,इक दूजे में मिल हिरानी ,
धारा में धारा समाइल रे अइसे ,फिर ना कबहुँ बिलगानी !
*
लहरें- लहर सामर संग उज्जल गंगा-जमुन का मिलाप
अइसी मिलीं कबहूँ ना बिछुडलीं सीतल भइल तन ताप !
हिय माँ उमड नेह ,कंपित भइल देह गंगा भईं गंभीर
चल री सखी,मोर बहिनी चलिय जहँ सागर भइल सरीर !
(* गंगा का प्रवाह जब उत्तरगामी होता है तो उसका महत्व बहुत बढ़ जाता है ।)

6 टिप्‍पणियां:

ललित शर्मा ने कहा…

आप का स्वागत करते हुए मैं बहुत ही गौरवान्वित हूँ कि आपने ब्लॉग जगत मेंपदार्पण किया है. आप ब्लॉग जगत को अपने सार्थक लेखन कार्य से आलोकित करेंगे. इसी आशा के साथ आपको बधाई.
ब्लॉग जगत में आपका स्वागत हैं,
http://lalitdotcom.blogspot.com
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डा. मेराज अहमद ने कहा…

बहुत अहम काम होगा जारी रखिये। असल में बात यह है कि गाली गलौच से अहम ब्लागरों के लिये आप जैसा काम है। अभी हिन्दी की स्थित नेट पर ठीक नहीं। ज़रूरत भाषा और साहित्य के प्रस्तुतिकरण की है। गाली के लिये चौपाल और ख़बर के लिये अख़बार हैं।

डॉ. राधेश्याम शुक्ल ने कहा…

pratibha ji bahut-bahut sundar rachana.bahayee sweekar karen

GATHAREE ने कहा…

हिंदी में लेखन के लिए स्वागत एवं शुभकामनाएं
मेरे ब्लॉग पर आप आमंत्रित हैं

Charul ने कहा…

आपका लेख पड्कर अछ्छा लगा, हिन्दी ब्लागिंग में आपका हार्दिक स्वागत है, मेरे ब्लाग पर आपकी राय का स्वागत है, क्रपया आईये

http://dilli6in.blogspot.com/

मेरी शुभकामनाएं
चारुल शुक्ल
http://www.twitter.com/charulshukla

Amit K Sagar ने कहा…

चिटठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. मेरी शुभकामनाएं.
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हिंदी ब्लोग्स में पहली बार Friends With Benefits - रिश्तों की एक नई तान (FWB) [बहस] [उल्टा तीर]